मेहनतकश की आवाज-1, 5 अप्रैल 2019

  • भारतीय जनता पार्टी किसकी पार्टी है?
  • मज़दूरों, मेहनतकशों और ग़रीब किसानों ने बनायी अपनी इंक़लाबी पार्टी – पार्टी लोकसभा चुनावों में 7 सीटों पर खड़े करेगी अपने उम्मीदवार
  • गांव-देहात की मेहनतकश आबादी के हालात और उनके लिए भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी का एजेण्डा
  • क्या आपको पता है?
  • भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी लड़ेगी आँगनवाड़ी महिलाकर्मियों को कर्मचारी का दर्जा दिलवाने का संघर्ष
  • लोकसभा चुनाव में बवाना के मज़दूरों-महनतकशों का एकमात्र विकल्पः भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी को जिताओ!
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    लोकसभा चुनाव में बवाना के मज़दूरों-महनतकशों का एकमात्र विकल्पः भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी को जिताओ!

    भारत की क्रांतिकारी मज़दूर पार्टी का सांसद ही बवाना के मज़दूरों के मुद्दों को लेकर लड़ सकता है। क्योंकि यही एकमात्र पार्टी है जो अपना पूरा खर्चा आम मेहनतकश जनता के बीच से जुटाती है और किसी भी पूंजीवादी कम्पनी, देशी-विदेशी फंडिंग एजेंसी, एनजीओ से उसूलन एक भी पैसा नहीं लेती है। पार्टी का मकसद इस मुनाफा-आधारित पूंजीवादी व्यवस्था का ख़ात्मा कर मज़दूर राज स्थापित करना है। यह कार्य संसद के रास्ते ही नहीं हो सकता है लेकिन इस मकसद को अंजाम देने के लिए संसद के भीतर भी मज़दूर वर्ग की आवाज़ पहुँचानी होगी। संसद के अंदर जिन देशव्यापी मुद्दों को लेकर सांसद संघर्ष करेगा वे बुलेटिन में पहले लेख में रखे गए हैं। इस लेख में हम उन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित करेंगे कि बवाना के मज़दूरों के स्थानीय सवाल क्या हैं और उन सवालों पर सांसद क्या कर सकता है?

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    मज़दूरों, मेहनतकशों और ग़रीब किसानों ने बनायी अपनी इंक़लाबी पार्टी – पार्टी लोकसभा चुनावों में 7 सीटों पर खड़े करेगी अपने उम्मीदवार

    अगर कोई पार्टी पूंजीपति वर्ग के ही किसी हिस्से जैसे कि बड़ी कम्पनियों, मंझोले और छोटे कारखाना मालिकों, बड़े दुकानदारों, ठेकेदारों, दल्लालों, प्रापर्टी डीलरों, धनी किसानों, कुलकों, फार्मरों, आढ़तियों, नौकरशाहों से, चन्दे लेकर काम करती है, तो फिर वह हमारी नुमाइन्दगी कैसे कर सकती है? क्या इतनी सामान्य बात समझना मुश्किल है? हम सभी जानते हैं कि ये पार्टियां हमारे पास तो पांच साल में केवल वोट लेने आती हैं, लेकिन सेवा ये गांव और शहर के बड़े, मंझोले और छोटे पूंजीपति की ही करती हैं। इन सभी को ये पूंजीपति ही पैसा देते हैं! यानी चुनावों में हारे कोई भी मगर जीतते मालिक, पूंजीपति, ठेकेदार, दुकानदार ही हैं! क्यों? क्योंकि अब तक हम मज़दूरों-मेहनतकशों की अपनी कोई क्रान्तिकारी पार्टी ही नहीं थी।

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    गांव-देहात की मेहनतकश आबादी के हालात और उनके लिए भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी का एजेण्डा

    गाँव-देहात की मज़दूर आबादी के बीच पूरे साल के पक्के रोज़गार के लिए संघर्ष की शुरुआत की जानी चाहिए। चुनाव के समय पूरे पूँजीपति वर्ग की सेवा करने वाली सभी चुनावबाज़ पार्टियाँ इन मज़दूरों के बीच वोट की भीख माँगने आती है और साथ में मज़दूरों से बड़े लम्बे-चौड़े वायदे करती है ताकि मज़दूरों का वोट अपने पक्ष में लिया जा सके। लेकिन असल में वह सत्ता में आने के बाद भूस्वामियों, धनी किसानों और पूँजीपतियों की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए उन्हीं की सेवा करती है। चूँकि ये सभी पूँजीवादी चुनावबाज़ पार्टियाँ जैसे कि भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, सपा, बसपा बड़े, मँझोले और छोटे पूँजीपतियों, भूस्वामियों, आढ़तियों, ठेकेदारों व धनी किसानों के धनबल से चलती हैं, इसलिए वह गाँव के ग़रीब किसानों और मज़दूरों के लिए कुछ भी नहीं कर सकतीं।

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    भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी लड़ेगी आँगनवाड़ी महिलाकर्मियों को कर्मचारी का दर्जा दिलवाने का संघर्ष

    भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) स्कीम वर्करों (आँगनवाड़ी, आशा व मिड-डे-मील कर्मचारी) के पक्का किए जाने की माँग, उन्हें कर्मचारी का दर्जा दिये जाने की माँग का समर्थन करती है। यदि RWPI का प्रत्याशी जीत कर संसद में जाता है तो स्कीम वर्करों की इस माँग को व्यक्तिगत बिल के जरिये संसद में उठाने की घोषणा करता है। स्कीम वर्करों के लिये जुमले फेंकने वाली तमाम चुनावबाज़ पार्टियों ने आज तक कभी संसद में ऐसा सवाल उठाया तक नहीं है।

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    क्या आपको पता है?

    क्या आपको पता है कि मौजूदा संसद में 31 प्रतिशत से भी ज़्यादा सांसदों पर हत्या, बलात्कार, भ्रष्टाचार आदि जैसे गम्भीर मुकदमे चल रहे हैं। यहाँ तक कि मोदी सरकार के मन्त्रियों तक पर हत्या व बलात्कार के मुकदमे चल रहे हैं। कांग्रेस व अन्य पूँजीवादी पार्टियों की स्थिति भी इससे बेहतर नहीं है। क्या आपको लगता है कि अपराधियों का जमघट बन चुकी ये पार्टियाँ संसद में आपकी नुमाइन्दगी करेंगी? असम्भव! इसलिए RWPI के मज़दूर उम्मीदवार को चुनें और संसद में अपनी स्वतन्त्र आवाज़ की नुमाइन्दगी को सुनिश्चित करें।

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