नयी शिक्षा नीति 2020: शिक्षा का कॉरपोरेटाइजेशन, भगवाकरण करने की परियोजना
छात्रों-युवाओं और बुद्धिजीवियों के तमाम विरोध को दरकिनार करते हुए दिनांक 29 जुलाई के दिन ‘नयी शिक्षा नीति 2020’ को
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Read moreपूरे बवाना औद्योगिक क्षेत्र में करीब 12000 से 15000 कारखाने हैं। इनमें से 70 कारखाने बगैर पंजीकरण के चल रहे
Read moreएक तरफ जहाँ देश स्तर पर मोदी सरकार मजदूर विरोधी नीतियों को नंगे तौर पर लागू कर टाटा-बिड़ला-अम्बानी सरीखे पूँजीपतियों
Read moreसुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के कारण दिल्ली भर में लाखों लोगों के सर पर अचानक से आवास का संकट
Read moreआइये देखते हैं कि हमारे प्यारे अम्बानी, अडानी, टाटा, बिड़ला, हिन्दुजा, गोयनका वगैरह कितनी हाड़-तोड़ मेहनत करके समाज में समृद्धि का सृजन करते हैं, जो अब तक प्रधानमन्त्री महोदय के अनुसार बंटकर हमें मिलती रही थी! अरे, तभी तो हम ग़रीब लोग सुबह-शाम अण्डे-दूध, मुर्गा, पनीर चांपते हैं, अपने बच्चों को विलायत पढ़ने भेजते हैं और आरामदेह मकान में रहते हैं! बस यही है कि बाद में हम भूल जाते हैं! ख़ैर! तो देखते हैं कि ये मालिक और ठेकेदार लोग कैसे कोल्हू के बैल के समान मेहनत करके हमारे लिए समृद्धि पैदा करते हैं।
Read moreआज हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में जहाँ-जहाँ मनरेगा का काम चलता है वहाँ सभी जगह ऊपर से नीचे तक प्रशासन के भ्रष्टाचार के केस हर दिन उजागर हो रहे हैं। वैसे तो भाजपा की खट्टर सरकार अपने आप को “भ्रष्टाचार मुक्त” सरकार बताती है लेकिन जो भ्रष्टाचार मनरेगा में कांग्रेस की सरकार के समय से चला आ रहा था वह आज भी भाजपा सरकार में ज्यों का त्यों बना हुआ है, बल्कि पहले से भी बढ़ गया है। सत्ता में आने से पहले भाजपा सरकार ने मज़दूरों से बड़े-बड़े वायदे किए थे जिनमे “अच्छे दिनों” का वायदा भी शामिल था लेकिन जैसे ही भाजपा की मोदी सरकार सत्ता में आयी वैसे ही अपने सभी वायदों से मुखर गयी।
Read moreयूनियन की कार्यकारिणी की सदस्य मनीषा ने कहा कि न सिर्फ मज़दूर पार्टी हमारी समस्त यूनियन माँगों को स्वीकार करती है और उसके लिए संघर्षरत है, बल्कि वह एक ऐसा घोषणापत्र और एजेण्डा लेकर चुनावों में आयी है, जिसे सच्चे मायने में मज़दूरों, स्त्रियों और युवाओं का एजेण्डा कहा जा सकता है। यूनियन कार्यकारिणी की सदस्य पूनम ने कहा कि इस पार्टी पर भरोसा करने का कारण यह है कि इस पार्टी को स्वयं मज़दूरों, आँगनवाड़ीकर्मियों, बेरोज़गार युवाओं और कर्मचारियों ने बनाया है। दूसरी वजह यह है कि यह पार्टी अम्बानी, अडानी, टाटा, बिड़ला जैसे पूँजीपतियों, ठेकेदारों और दलालों से चन्दा नहीं लेती बल्कि स्वयं मज़दूर वर्ग और आम मेहनतकश आबादी के बीच से अपने संसाधनों को जुटाती है।
Read moreमौजूदा संसद में करीब 33 प्रतिशत सांसद ऐसे हैं, जिन पर हत्या, बलात्कार, दंगा करवाने, घपले करने आदि जैसे मुकदमे दर्ज़ हैं! इनमें से सबसे ज़्यादा आरोपी सांसद अपने चाल-चेहरा-चरित्र और भारतीय संस्कृति की दुहाई देने वाली धर्मध्वजाधारी भारतीय जनता पार्टी है। लेकिन अन्य पार्टियों की स्थिति भी ऐसी ही है। ये सभी करोड़पति और अरबपति तक हैं। क्या आप इतने भोले और नादान हैं कि आपको लगता है कि ऐसे लोग आपकी नुमाइन्दगी करेंगे?
Read moreदिल्ली में इस समय लगभग 5 लाख घरेलू कामगार हैं। हमारे लिए अभी तक कोई कानून नहीं है। हम गुमनामी में काम करते हैं। इसी बात का फ़ायदा मालिकों को मिलता है। हमारे लिए किसी भी पार्टी की सरकार ने काम नहीं किया है। हॉं, बातें सबने की हैं। लेकिन हमें सिर्फ बातें नहीं ठोस-ठोस काम चाहिए। अभी तक किसी चुनावबाज पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हमारे बारे में एक लफ्ज़ नहीं कहा था।
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